"Farewell 12th – मेरे प्यारे विद्यार्थियों के नाम, एक शिक्षक की ओर से दिल को छू लेने वाली कविता"

 

मेरे प्यारे विद्यार्थियों के नाम — एक शिक्षक की ओर से

मेरे प्यारे विद्यार्थियों,

इन दो वर्षों में, जब मैंने इस विद्यालय में कदम रखा,   मैं सिर्फ एक शिक्षक बनकर आया था...
पर आप सबने मुझे अपना बना लिया। धीरे-धीरे, आप सिर्फ विद्यार्थी नहीं रहे —आप मेरे परिवार का हिस्सा बन गए।

मैंने हमेशा यह प्रयास किया कि  आपको सिर्फ पाठ्यक्रम ही नहीं, बल्कि जीवन के वो सबक भी दूँ  जो आपको उज्जवल भविष्य की ओर ले जाएँ।
मैं चाहता हूँ कि आप सभी —चाहे आप Commerce, Science, या Humanities के छात्र हों —
आप जीवन में इतना ऊँचा उड़ें कि हर कठिनाई आपको सलाम करे।

आज आप इस स्कूल की सीमाओं से बाहर जा रहे हैं,  नए सपनों, नई उड़ानों के लिए...
मेरे लिए यह पल गर्व का भी है और भावुकता का भी।
मैंने हर एक विद्यार्थी में भविष्य का सितारा देखा है,और आज, उस सितारे की रोशनी दूर तक फैले  यही कामना है।

मेरी ओर से यह कविता, एक शिक्षक की अंतिम क्लास की तरह है —
शब्दों में ढले हुए जज़्बात।
इसे पूरे दिल से पढ़ें, समझें, और  हर 12वीं के छात्र तक ज़रूर पहुँचाएँ —
चाहे वे किसी भी स्ट्रीम के क्यों न हों।

क्योंकि आज…
आप सिर्फ विद्यार्थी नहीं हैं —
आप मेरे जीवन का सबसे सुनहरा अध्याय हैं।

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"जब पहली बार मिले थे हम..."

जब पहली बार मिले थे हम,

ना तुम मुझे जानते थे, ना मैं तुम्हें।
पर कुछ ही पलों में बन गया था रिश्ता,
जो किताबों से नहीं, दिलों से जुड़ गया था कहीं।

11वीं की वो पहली क्लास याद है मुझे,
जब मैं भी नया था, और तुम भी थोड़े सहमे हुए।
तुम्हारी आँखों में सपने थे,
और मेरी आँखों में तुम्हारे लिए एक वादा —
कि हर मुश्किल को आसान बनाऊँगा,
हर कदम पर तुम्हारा साथ निभाऊँगा।

धीरे-धीरे बनते गए वो पल,
जो अब बस यादों में बसने वाले हैं।
कभी सवालों की बौछार, कभी जवाबों में हँसी,
कभी चुपके से आई परेशानी, तो कभी आँखों में नमी।

तुमने सिर्फ किताबें नहीं पढ़ीं मुझसे,
तुमने देखी मेरी मेहनत, मेरा प्यार, मेरा यकीन।
हर सफलता पर मैं मुस्कुराया,
और हर असफलता पर तुम्हारे साथ रोया भी कहीं।

तुम बड़े हो गए अब, मेरे बच्चों,
मंज़िलें तुम्हारे इंतज़ार में हैं।
मैं रह जाऊँगा इस क्लासरूम में,
पर मेरी दुआएँ चलेंगी तुम्हारे साथ हर राह में।

आज जब तुम जा रहे हो,
तो मेरी आँखें भीगी हैं, पर दिल दुआओं से भरा है।
हर आँसू में छुपा है एक आशीर्वाद,
कि तुम्हारी ज़िंदगी हर मोड़ पर करे तुम्हारा स्वागत।

मत भूलना उस मास्टर को,
जो तुम्हारे पीछे खड़ा था जब दुनिया आगे बढ़ रही थी।
जो तुम्हारे नंबरों से ज़्यादा तुम्हारी मुस्कान में जी रहा था।
जो हर रोज़ तुम्हारे लिए खुद से लड़ रहा था।

बस यही कहना है मेरी ओर से
जाओ, उड़ो, छू लो आसमान,
लेकिन अगर कभी गिरो, तो ये याद रखना…
कक्षा में खड़ा एक गुरू आज भी तुम्हारे लिए
दुआओं की चादर बनकर खड़ा है वहाँ।

🌸 ढेरों आशीर्वाद, अपार स्नेह और अंतहीन शुभकामनाएँ 🌸
— तुम्हारे अपने सर, जो तुम्हें कभी नहीं भूलेंगे।

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